सबका मंगल, सबका भला हो…

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sabaka mangal sabaka bhala

अगर आपके मन में किसी के लिए बुरे विचार आते हैं, तो सामनेवाले का अहित हो या न हो परंतु आपका अंत:करण जरुर मलिन हो जायेगा । फलस्वरूप मन में अशांति उत्पन्न होगी जो सब दु:खों का कारण है ।

यदि आपके मन में किसीके प्रति ईर्ष्या होती है, तो उसके पास जाकर कह दें कि “मुझे माफ करें, आपको देखकर मुझे ईर्ष्या होती है । आप भी प्रार्थना करें और मैं भी प्रार्थना करुँ ताकि आपके प्रति मेरी ईर्ष्या मिट जाय |”

कोई आपका कितना भी बुरा करना चाहे पर आप अगर सावधान होकर उसके लिए अच्छा ही सोचो और उसकी भलाई का ही चिन्तन करो तो कोई आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकेगा । बुरा सोचनेवाले के विचार भी बदल जायेंगे। उसका दुष्प्रयोजन सफल नहीं हो पायेगा ।

व्यर्थ के संकल्पों से बचने की कुंजी

व्यर्थ के संकल्प न करें । व्यर्थ के संकल्पों से बचने के लिए ‘हरि ॐ …’ के गुंजन का भी प्रयोग किया जा सकता है । ‘हरि ॐ…’ के गुंजन में एक विलक्षण विशेषता है कि उससे फालतू संकल्पों-विकल्पों की भीड़ कम हो जाती है ।

ध्यान के समय भी ‘हरि ॐ…’ का गुंजन करें फिर शांत हो जायें । मन इधर उधर भागे फिर गुंजन करें । यह व्यर्थ संकल्पों को हटायेगा एवं महा संकल्प की पूर्ति में मददरुप होगा ।

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